“अब गुप्त रूप से नहीं; इस बार मैं काबा के सामने सार्वजनिक रूप से नमाज़ अदा करूँगा।” यह किसने कहा?
Note
“अब गुप्त रूप से नहीं; इस बार मैं काबा के सामने सार्वजनिक रूप से नमाज़ अदा करूँगा।” यह कथन उमर (RA) का है।
“अब गुप्त रूप से नहीं; इस बार मैं काबा के सामने सार्वजनिक रूप से नमाज़ अदा करूँगा।” यह कथन उमर (RA) का है।