कौन-सा (फर्ज़/सुन्नत/नफ़्ल/मुस्तहब) किसी भी परिस्थिति में कभी छोड़ा नहीं जा सकता?
    नमाज़ अदा करने और ज़कात देने का क्या हुक्म है?